राजस्थान में 16 मई से शुरू होगी जनगणना, पहली बार मिलेगा सेल्फ सेंसस का विकल्प

जयपुर। राजस्थान में बहुप्रतीक्षित जनगणना को लेकर तारीखें तय कर दी गई हैं। राज्य में जनगणना-2027 की प्रक्रिया की शुरुआत 16 मई से होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) का काम किया जाएगा, जो 16 मई से 14 जून तक चलेगा। इस संबंध में सांख्यिकी विभाग ने पहले फेज की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

इस बार जनगणना में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहली बार आम नागरिकों को सेल्फ सेंसस (स्व-गणना) का विकल्प दिया गया है। इसके तहत लोग 1 मई से 15 मई के बीच खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे।

पोर्टल और मोबाइल ऐप से होगी स्व-गणना

सरकार जल्द ही एक विशेष पोर्टल और मोबाइल एप लॉन्च करेगी, जिसके माध्यम से लोग अपने मकान और उससे जुड़ी जानकारियां स्वयं अपलोड कर सकेंगे। हालांकि, आमजन द्वारा भरी गई जानकारी को जनगणना में लगे सरकारी कर्मचारी बाद में वेरिफाई करेंगे।

सेल्फ सेंसस की अवधि समाप्त होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की टीमें घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य पूरा करेंगी।

पहले फेज में सिर्फ मकानों की गिनती

पहले चरण की जनगणना में केवल मकानों और भवनों का विवरण दर्ज किया जाएगा। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या नहीं जोड़ी जाएगी।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसकी अधिसूचना अलग से जारी होगी। इसी चरण में पहली बार जातीय जनगणना भी कराई जाएगी।

देशभर में जनगणना-2027 की प्रक्रिया इसी साल शुरू हो रही है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इसका शेड्यूल अलग रहेगा। राजस्थान में इसकी शुरुआत मई महीने से होगी।

जनगणना कर्मचारियों के ट्रांसफर पर रोक

जनगणना पूरी होने तक, यानी अगले करीब सवा साल तक, इससे जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है।
इस दायरे में शामिल हैं—

  • जिला कलेक्टर

  • एसडीएम और तहसीलदार

  • शहरी निकायों के आयुक्त

  • शिक्षक, पटवारी, ग्राम सचिव और प्रगणक

ट्रांसफर केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संभव होंगे।

2 लाख से अधिक कर्मचारी होंगे तैनात

जनगणना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए राज्यभर में 2 लाख से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

  • लगभग 1.60 लाख प्रगणक घर-घर जाकर कार्य करेंगे

  • 30 से 40 हजार सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी निगरानी में रहेंगे

जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की ट्रेनिंग फरवरी महीने से शुरू की जा रही है।


निष्कर्ष:

राजस्थान में 16 मई से शुरू होने जा रही जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी। पहली बार सेल्फ सेंसस और जातीय जनगणना जैसे प्रावधानों से प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होगी। आम नागरिकों की सीधी भागीदारी से जनगणना के आंकड़े अधिक सटीक और भरोसेमंद होने की उम्मीद है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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