राजस्थान के महाधिवक्ता भी साइबर ठगों के निशाने पर: AG की फोटो लगाकर AAG को किया मैसेज, नंबर से खुला फर्जीवाड़ा

जोधपुर। राजस्थान में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों ने राज्य के सर्वोच्च विधि अधिकारी महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजेंद्र प्रसाद की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी की कोशिश की है। गुरुवार को महाधिवक्ता की फोटो और नाम लगाकर बनाए गए एक फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) को मैसेज भेजा गया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया।


AAG को आया संदिग्ध मैसेज, फोटो देखकर बढ़ा शक

गुरुवार को अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह के वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से संदेश आया। वॉट्सऐप प्रोफाइल फोटो में महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद की तस्वीर लगी हुई थी। मैसेज अंग्रेजी भाषा में था—
“Hello, how are you doing? Where are you at the moment?”

पहली नजर में मैसेज सामान्य लग रहा था, लेकिन प्रोफाइल और भाषा को देखकर AAG को संदेह हुआ।


वियतनाम कोड (+84) देखकर हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

जब AAG विज्ञान शाह ने नंबर को ध्यान से देखा तो वह भारतीय नहीं, बल्कि वियतनाम का इंटरनेशनल कोड (+84) निकला। इसके बाद उन्होंने तुरंत इस संदिग्ध मैसेज की जानकारी महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद को दी। यहीं से यह स्पष्ट हो गया कि कोई अज्ञात व्यक्ति महाधिवक्ता की पहचान चोरी कर साइबर ठगी की कोशिश कर रहा है।


जयपुर साइबर थाना सक्रिय, जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने तत्काल जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही जयपुर साइबर थाने की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने महाधिवक्ता से संपर्क कर पूरी जानकारी ली और फर्जी वॉट्सऐप अकाउंट के संबंध में जांच शुरू कर दी है।


महाधिवक्ता ने परिचितों को किया अलर्ट

एहतियात के तौर पर महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने अपने सभी परिचितों और संपर्कों को अलर्ट किया। उन्होंने संदिग्ध वॉट्सऐप अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए संदेश जारी किया—

“कृपया ध्यान दें कि कोई मेरी तस्वीर और नाम का दुरुपयोग कर वॉट्सऐप मैसेज भेज रहा है। कृपया ऐसे अकाउंट को ब्लॉक करें और अनदेखा करें।”


पहले भी बड़े नामों से हो चुकी हैं ठगी की कोशिशें

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले

  • पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,

  • प्रदेश के पूर्व डीजीपी एमएल लाठर,

  • और पूर्व मुख्य सचिव ऊषा शर्मा

के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर साइबर ठगी की कोशिशें सामने आ चुकी हैं।


साइबर एक्सपर्ट की चेतावनी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ मुकेश चौधरी ने कहा कि जब साइबर ठग राज्य के सबसे बड़े विधि अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग करने से नहीं चूक रहे हैं, तो आम जनता के लिए खतरा और भी बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में किसी भी अनजान नंबर से आए मैसेज पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए।


निष्कर्ष:

महाधिवक्ता जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की पहचान चोरी कर ठगी की कोशिश यह दर्शाती है कि साइबर अपराध अब किसी को नहीं बख्श रहे। यह घटना आम लोगों के लिए भी चेतावनी है कि वे अनजान नंबरों, प्रोफाइल फोटो और नाम देखकर किसी संदेश पर तुरंत भरोसा न करें। सतर्कता ही ऐसे साइबर फ्रॉड से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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