कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में एक पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी को मार गिराया गया। यह ऑपरेशन खुफिया इनपुट के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
आईजीपी जम्मू रेंज भीम सेन टूटी ने बताया कि मारा गया आतंकी पिछले करीब एक महीने से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। इससे पहले 7 जनवरी और दिसंबर महीने में हुई शुरुआती मुठभेड़ों के दौरान आतंकी घेराबंदी तोड़कर फरार होने में सफल हो गया था, लेकिन इस बार सुरक्षाबलों ने उसे बच निकलने का कोई मौका नहीं दिया।
आईजीपी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टीम ने सेना और सीआरपीएफ के सहयोग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। सटीक रणनीति और इलाके की घेराबंदी के चलते आतंकी को ढेर कर दिया गया। यह कार्रवाई आतंकवादी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे बिलावर क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इलाके में कोई अन्य आतंकी या स्लीपर सेल सक्रिय न हो। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह आतंकी पहले भी दो बार सुरक्षा एजेंसियों की घेराबंदी से भागने में कामयाब हो चुका था। लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के बाद आखिरकार सुरक्षाबलों ने उसे ट्रैक कर निर्णायक कार्रवाई की।
आईजीपी भीम सेन टूटी ने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से सुनियोजित था और आने वाले दिनों में आतंकवाद के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षाबल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
कठुआ के बिलावर में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी के मारे जाने से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि सुरक्षाबल आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। संयुक्त ऑपरेशन और मजबूत खुफिया तंत्र के चलते घाटी में आतंकी नेटवर्क को लगातार कमजोर किया जा रहा है।
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