6 साल, 16 परीक्षाएं और 13 असफलताएं; फिर एक साथ 3 नौकरियों में चयन, RSMSSB चेयरमैन आलोक राज ने की तारीफ

जयपुर। लगातार असफलताओं के बावजूद हार न मानने वाले युवाओं के लिए यह खबर बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आई है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) के अध्यक्ष आलोक राज ने एक ऐसे अभ्यर्थी की संघर्ष कहानी को सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसने 6 साल तक लगातार परीक्षाओं की तैयारी की, 13 परीक्षाओं में असफल रहा, लेकिन आखिरकार एक साथ तीन सरकारी नौकरियों में चयन हासिल किया।

आलोक राज ने 26 जनवरी को इस प्रेरणादायक कहानी को साझा करते हुए लिखा,
“बहुत ही मोटिवेशनल पोस्ट… डटे रहो, जुटे रहो, सफलता मिलेगी ही मिलेगी।”


6 साल में दीं 16 भर्ती परीक्षाएं

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के अनुसार, इस अभ्यर्थी ने वर्ष 2020 से 2025 तक कुल 16 भर्ती परीक्षाएं दीं। इनमें से अधिकांश परीक्षाओं में उसे असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने तैयारी छोड़ने के बजाय लगातार प्रयास जारी रखा।

आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और उसने पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2025, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2025 और ड्राइवर भर्ती-2025 में एक साथ सफलता हासिल की।


आलोक राज ने की खुले मंच से सराहना

इस अभ्यर्थी की कहानी सबसे पहले एक सोशल मीडिया यूज़र ने साझा की थी। पोस्ट में अभ्यर्थी की तस्वीर के साथ उन सभी परीक्षाओं का उल्लेख था, जिनमें वह असफल रहा, साथ ही तीन सफल परीक्षाओं की जानकारी भी दी गई थी।

इसी पोस्ट को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने शेयर करते हुए उसकी मेहनत और धैर्य की सराहना की। उनके पोस्ट के बाद यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और हजारों यूज़र्स ने इसे प्रेरणादायक बताया।


इन 13 परीक्षाओं में मिली थी असफलता

वायरल पोस्ट के मुताबिक, अभ्यर्थी ने जिन परीक्षाओं में प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली, उनमें शामिल हैं:

  • एग्रीकल्चर सुपरवाइजर भर्ती – 2018

  • एग्रीकल्चर सुपरवाइजर भर्ती – 2021

  • वीडीओ (मेन्स) – 2021

  • पटवारी – 2021

  • पुलिस कांस्टेबल – 2023

  • एसएससी भर्ती परीक्षा

  • सीआरपीएफ भर्ती

  • एग्रीकल्चर सुपरवाइजर – 2023

  • असिस्टेंट एग्रीकल्चर ऑफिसर – 2024

  • पटवार – 2025

  • जेल प्रहरी – 2025

  • वीडीओ – 2025

लगातार 13 परीक्षाओं में असफल होने के बावजूद अभ्यर्थी ने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी।


युवाओं के लिए बनी मिसाल

लगातार असफलताओं के बाद एक साथ तीन बड़ी सफलताएं पाना न सिर्फ अभ्यर्थी के लिए बल्कि हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कहानी बताती है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में धैर्य, निरंतरता और आत्मविश्वास सबसे अहम होते हैं।


निष्कर्ष:

यह सफलता की कहानी साबित करती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सफलता की तैयारी होती है। 6 साल की मेहनत, 13 बार की नाकामी और फिर तीन बड़ी नौकरियों में चयन—यह संघर्ष हर उस युवा को प्रेरित करता है, जो बार-बार असफल होकर भी अपने सपनों के लिए डटा हुआ है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज की यह सराहना इस बात का संकेत है कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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