लखनऊ:
राजधानी लखनऊ में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी पर उनकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जान से मारने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की शिकायत पर जानकीपुरम थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।
पीड़िता निकिता तिवारी के अनुसार, उनका विवाह 14 फरवरी 2025 को बीआर पैलेस, आईआईएम रोड लखनऊ में हिंदू रीति-रिवाज से शिवाकांत द्विवेदी के साथ हुआ था। शादी में उनके परिवार ने करीब ₹93 लाख नकद और कीमती सामान, साथ ही थार गाड़ी दी थी।
निकिता का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद ससुराल पहुंचते ही पति, सास और ससुर ने कम दहेज लाने का ताना देना शुरू कर दिया। पहले ₹25 लाख नकद और फॉर्च्यूनर कार की मांग की गई, जो बाद में बढ़ाकर ₹50 लाख नकद और नई फॉर्च्यूनर कर दी गई।
मांग पूरी न होने पर पीड़िता के साथ मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और अपमान किया जाने लगा।
तहरीर में निकिता ने आरोप लगाया है कि एक विवाद के दौरान पति शिवाकांत द्विवेदी ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। वहीं, सास और ननद द्वारा मारपीट करने और ससुर द्वारा गाली-गलौज करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पीड़िता का कहना है कि उसे बार-बार धमकाया गया कि अगर मांगें पूरी नहीं की गईं तो उसे छोड़कर दूसरी महिला से शादी कर ली जाएगी।
निकिता ने तहरीर में बताया कि पति के मृदाली पांडे नाम की महिला से अवैध संबंध हैं। आरोप है कि दोनों एक साथ कई जगह घूम चुके हैं और होटलों में भी रुके हैं। इस बात का विरोध करने पर उसे धमकाया गया और हिंसा की गई।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि पति सोशल मीडिया पर कथित प्रेमिका के साथ फोटो और वीडियो डालकर उसे अपमानित कर रहा है।
निकिता के अनुसार, ससुराल वालों ने उसके सभी सोने-चांदी के आभूषण अपने पास रख लिए और केवल चांदी की बिछिया व पायल पहनने को दी।
23 अक्टूबर 2025 को उसे भाई के साथ मायके भेज दिया गया और साफ कह दिया गया कि जब तक ₹50 लाख और फॉर्च्यूनर कार नहीं लाई जाएगी, तब तक वापस न आए।
पीड़िता के मुताबिक, शिवाकांत द्विवेदी जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में हरदोई जिले में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात हैं। उनके पिता नारायण द्विवेदी बीकेटी तहसील के यकरड़िया कला गांव के पूर्व प्रधान रह चुके हैं।
पीड़िता की तहरीर पर जानकीपुरम थाने में पति, सास-ससुर, ननद और कथित प्रेमिका के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जाएगी।
लखनऊ में सामने आया यह मामला न सिर्फ दहेज उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकारी पद पर बैठे अधिकारियों पर भी कानून का शिकंजा कस सकता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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