जयपुर। थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नरिरत्ना राजकन्या चार दिवसीय राजस्थान दौरे पर शुक्रवार को विशेष विमान से जयपुर पहुंचीं। वे 6 से 10 फरवरी तक राजस्थान में प्रवास करेंगी, जहां जयपुर और जोधपुर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत स्थलों का भ्रमण करेंगी।
राजकुमारी के जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर पुलिस और सीआईएसएफ की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रोटोकॉल के तहत एयरपोर्ट परिसर में आम लोगों को फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी गई। एयरपोर्ट से वे सीधे अपने काफिले के साथ रामबाग पैलेस के लिए रवाना हो गईं, जहां जयपुर प्रवास के दौरान वे ठहरेंगी।
जयपुर में राजकुमारी सिरिवन्नावरी राजस्थान की प्रसिद्ध ‘अतिथि देवो भवः’ परंपरा से रूबरू होंगी। उनके कार्यक्रम में
आमेर किला,
हवामहल,
सिटी पैलेस,
त्रिपोलिया बाजार
जैसे प्रमुख पर्यटन और विरासत स्थलों का दौरा शामिल है।
इस दौरान उन्हें राजस्थान की समृद्ध कला, हस्तशिल्प, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली की जानकारी दी जाएगी।
जयपुर प्रवास के बाद राजकुमारी सिरिवन्नावरी जोधपुर जाएंगी। वहां वे
मेहरानगढ़ किला,
उम्मेद भवन,
जसवंत थड़ा
का भ्रमण करेंगी। इन स्थलों के माध्यम से उन्हें राजस्थानी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया जाएगा।
माना जा रहा है कि यह शाही दौरा भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस दौरे को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
हाल ही में राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। इसके साथ ही रॉयल थाई एम्बेसी की एम्बेसडर के साथ समन्वय बैठक भी आयोजित की गई थी, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
राजकुमारी के दौरे के मद्देनजर जयपुर और जोधपुर में सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल से जुड़ी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
राजकुमारी सिरिवन्नावरी नरिरत्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर के रूप में जानी जाती हैं। उनका खुद का लग्जरी फैशन ब्रांड है, जो दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। फैशन की दुनिया में उनके डिज़ाइन और कलेक्शन को विशेष पहचान मिली हुई है।
फैशन के अलावा राजकुमारी सिरिवन्नावरी थाईलैंड की शाही सेना में मेजर के पद पर भी कार्यरत हैं। वे एक कुशल घुड़सवार हैं और खेल, कला व संस्कृति के क्षेत्र में गहरी रुचि रखती हैं।
थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी का राजस्थान दौरा न केवल पर्यटन और संस्कृति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत और थाईलैंड के बीच मैत्रीपूर्ण और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है। जयपुर और जोधपुर की विरासत के माध्यम से यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की पहचान को और सशक्त करेगा।
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