इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर को लेकर विवादित और उकसावे वाला बयान दिया है। गुरुवार को पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की राजधानी मुजफ्फराबाद में विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि
“कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।”
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान कश्मीर के लोगों की इच्छा के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि यह मसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों को लागू करने से ही सुलझ सकता है।
अपने भाषण में शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने कश्मीर को पाकिस्तान की लाइफलाइन बताया था।
उन्होंने कहा,
“मैं पाकिस्तानी जनता और नेतृत्व की ओर से कश्मीर के अपने भाइयों के साथ एकजुटता जताने आया हूं।”
पाकिस्तानी PM ने दावा किया कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन यह शांति बराबरी और न्याय के आधार पर ही संभव है।
हर साल की तरह इस बार भी 5 फरवरी को पाकिस्तान में कश्मीर एकजुटता दिवस मनाया गया। इस मौके पर पूरे देश में रैलियां, प्रदर्शन और सेमिनार हुए। सरकारी रेडियो के मुताबिक, संघर्ष में मारे गए लोगों की याद में सुबह 10 बजे एक मिनट का मौन भी रखा गया।
भारत लगातार पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है।
नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दा पाकिस्तान की विदेश नीति की बुनियाद है।
उन्होंने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया और दावा किया कि इसके बाद कश्मीर मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिर से उठा है।
पाकिस्तानी PM ने आरोप लगाया कि भारत प्रॉक्सी के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन मिल रहा है, हालांकि भारत ऐसे सभी आरोपों को पहले भी सिरे से खारिज करता रहा है।
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से करते हुए दोनों को न्याय और आत्म-निर्णय की लड़ाई बताया।
उन्होंने अलगाववादी और उग्रवादी आंदोलनों से जुड़े कई नामों का भी उल्लेख किया।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों को नैतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन देता रहेगा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह मुद्दा उठाता रहेगा।
शहबाज शरीफ इससे पहले सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र में भारत को दुश्मन बताते हुए दावा कर चुके हैं कि भारत के साथ संघर्ष में पाकिस्तान की जीत हुई थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के 7 विमान गिराए गए थे, जबकि भारत ने इन दावों को खारिज किया।
अक्टूबर 2025 में शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को चेतावनी दी थी।
उन्होंने कहा था कि
अगर भारत पाकिस्तान की ओर बहने वाला पानी रोकता है तो यह संधि का उल्लंघन होगा और इसका जवाब निर्णायक तरीके से दिया जाएगा।
शहबाज ने पानी को पाकिस्तान की लाइफलाइन बताया।
7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की थी।
यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में उठाया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय मुरिदके समेत कई ठिकाने तबाह किए गए और 100 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी।
शहबाज शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताने और भारत पर बार-बार आरोप लगाने से साफ है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिर से उछालने की कोशिश कर रहा है। हालांकि भारत का रुख स्पष्ट है कि कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी भी तरह के दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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