नई दिल्ली / इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को हुई शिया मस्जिद में आत्मघाती आतंकी हमले के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो भाई और एक महिला शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये तीनों लोग इस हमले की साजिश से जुड़े हुए हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
यह आत्मघाती हमला शहजाद टाउन इलाके स्थित खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में जुमे की नमाज के दौरान हुआ था। हमले में 31 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 169 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। धमाका इतना भीषण था कि मस्जिद परिसर में शव इधर-उधर बिखर गए और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसियां इस आतंकी हमले के पीछे की पूरी नेटवर्क और साजिश का पता लगाने में जुटी हैं। अभी तक आत्मघाती हमलावर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन शुरुआती जांच में कट्टरपंथी संगठनों की भूमिका से इनकार नहीं किया गया है।
हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने विवादित बयान देते हुए इस हमले के लिए भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। इस बयान के बाद भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने देर रात जारी बयान में कहा—
“इस्लामाबाद में हुए आतंकी हमले में भारत की संलिप्तता का दावा पूरी तरह निराधार है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़ रहा है।”
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा—
“पाकिस्तान खुद को ही धोखा दे रहा है। आतंकवाद की जड़ें उसके अपने सिस्टम और नीतियों में हैं।”
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ अपराध है। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
वहीं, संसदीय मामलों के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने कहा कि ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की।
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल हुए थे।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान बुर्किना फासो के बाद दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है। रिपोर्ट में बताया गया है कि:
TTP के हमलों में 90% की वृद्धि
BLA के हमलों में 60% बढ़ोतरी
IS-K अब बड़े शहरों को निशाना बना रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित क्षेत्र हैं, जहां देश की 90% आतंकी घटनाएं दर्ज हुई हैं।
Islamabad Shia Mosque Blast ने एक बार फिर पाकिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर आतंकी हमलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए जा रहे आरोपों को भारत ने सख्ती से खारिज किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान को बाहरी देशों को दोष देने के बजाय अपने अंदर पनप रहे आतंकवाद पर काबू पाने की जरूरत है।
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