प्रधानमंत्री: Narendra Modi शनिवार को असम दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने मोरन बाईपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130 एयरक्राफ्ट से लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं।
यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा से लगभग 300 किमी दूर रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। लैंडिंग के दौरान हाईवे पर राफेल और सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमानों ने एयर शो कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
मोरन एयरस्ट्रिप NH-127 के 4.4 किमी लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह पूर्वोत्तर की पहली और देश की चुनिंदा इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी में से एक है, जहां युद्ध या आपात स्थिति में फाइटर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हाईवे पर उतर और उड़ान भर सकते हैं।
डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत तैयार इस ELF पर 40 टन तक के फाइटर जेट और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ऑपरेट कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने Brahmaputra River पर बने ‘कुमार भास्कर वर्मा सेतु’ का भी उद्घाटन किया। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है।
पुल में भूकंपरोधी बेस आइसोलेशन तकनीक और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स का इस्तेमाल किया गया है। ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) से इसकी रियल-टाइम निगरानी भी संभव होगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati के टेंपरेरी कैंपस का भी उद्घाटन किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा—
“आज की कांग्रेस ऐसे लोगों और विचारों का साथ दे रही है जो देश के खिलाफ सोचते हैं। जो लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं, वे कांग्रेस के लिए सम्मानित बन गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने सेना के लिए हथियार खरीद में घोटाले किए और देश की सुरक्षा से समझौता किया। पुलवामा हमले की बरसी का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि भारत अब दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने असम को पिछले वर्षों में 5.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के समय असम को पर्याप्त फंड नहीं मिलता था।
उन्होंने नॉर्थ ईस्ट को “अष्टलक्ष्मी” बताते हुए कहा कि यहां कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वंदे भारत ट्रेन, सेमीकंडक्टर प्लांट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “असम की चाय से लेकर असम की चिप्स तक दुनिया में पहचान बनेगी।”
2026 विधानसभा चुनाव से पहले पीएम का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। हाल ही में राज्य में अंतिम मतदाता सूची जारी हुई है। NRC और CAA जैसे मुद्दे चुनावी विमर्श के केंद्र में हैं।
असम में 2016 से NDA की सरकार है, जबकि उससे पहले 15 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही थी।
असम दौरे के दौरान हाईवे पर विमान उतारकर पीएम मोदी ने न केवल एक नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि पूर्वोत्तर में रणनीतिक और राजनीतिक संदेश भी दिया। ELF जैसी सैन्य सुविधाओं, ब्रह्मपुत्र पर आधुनिक पुल और IIM कैंपस के उद्घाटन से विकास और सुरक्षा—दोनों मोर्चों पर सरकार की प्राथमिकता साफ दिखी।
चुनावी साल में यह दौरा इंफ्रास्ट्रक्चर, राष्ट्रवाद और राजनीतिक आक्रामकता—तीनों का संगम साबित हुआ।
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