जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने दावा किया है कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक 351 परीक्षाएं कराई जा चुकी हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली सरकार पर युवाओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय लगातार पेपर लीक की घटनाओं से प्रदेश के युवा आहत और निराश थे।
मुख्यमंत्री सोमवार को जयपुर स्थित Rajasthan International Centre में आयोजित अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026 को संबोधित कर रहे थे।
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा, “पिछली सरकार के दौरान हमारे युवा लगातार पेपर लीक की घटनाओं से परेशान थे। युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया था। लेकिन हमारी सरकार ने पारदर्शिता और सख्ती के साथ परीक्षाएं आयोजित की हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया है। इसके अलावा 53 लाख भर्तियां विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर सरकार ने पूरे वर्ष का भर्ती कैलेंडर जारी किया और एक लाख नई नौकरियों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे कार्यकाल में 351 पेपर आयोजित किए गए हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। यह हमारी प्रतिबद्धता और सख्त व्यवस्था को दर्शाता है।”
उन्होंने इसे युवाओं के विश्वास की बहाली की दिशा में बड़ा कदम बताया।
समागम को संबोधित करते हुए सीएम ने आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा और तकनीक के संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिसमें वेदों का ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) दोनों की समझ हो।
उन्होंने कहा, “हमें ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहिए जहां संस्कृत के श्लोकों के साथ कोडिंग की भाषा भी हो, योग और ध्यान के साथ रोबोटिक्स और नैनो टेक्नोलॉजी भी पढ़ाई जाए।”
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री Prem Chand Bairwa, विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के प्रोफेसर नरेन्द्र कुमार तनेजा और भारतीय भाषा समिति के चेयरमैन चामु कृष्ण शास्त्री भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने निजी क्षेत्र में भी 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया है।
उन्होंने बताया कि सरकार युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना चाहती है। इसी उद्देश्य से युवा रोजगार नीति लाई गई है, जिसमें 10 लाख रुपए तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने का प्रावधान किया गया है।
सीएम ने यह भी बताया कि राज्य में 65 आई-स्टार्टअप लॉन्चपैड नेस्ट, 17 नए खेलो इंडिया केंद्र, 71 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना, 185 नए महाविद्यालय भवनों का लोकार्पण तथा छात्राओं को लगभग 40 हजार स्कूटियों का वितरण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और निजी शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय से ही शिक्षा क्षेत्र में वास्तविक बदलाव संभव है।
उन्होंने समागम की थीम ‘अंतर-संस्थागत विकास पर संवाद’ को वर्तमान समय के लिए प्रासंगिक बताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 351 परीक्षाएं बिना पेपर लीक कराने के दावे और रोजगार संबंधी घोषणाओं ने राजस्थान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। जहां सरकार इसे पारदर्शिता और सुशासन की उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष इन दावों की पड़ताल करने की तैयारी में है। आने वाले समय में भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार के मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।
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