चंडीगढ़: हरियाणा के चर्चित कैबिनेट मंत्री Anil Vij एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका विवाद कैथल की एसपी Upasana के साथ हुई तीखी बहस को लेकर है। समिति की बैठक के दौरान दोनों के बीच एक पुलिसकर्मी के सस्पेंशन को लेकर जमकर नोकझोंक हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बैठक के दौरान मंत्री अनिल विज ने एसपी उपासना को एक पुलिसकर्मी को तत्काल सस्पेंड करने का निर्देश दिया। एसपी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पुलिसकर्मी दूसरे जिले से संबंधित है, इसलिए वे सीधे तौर पर उसे निलंबित नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में डीआईजी को रिपोर्ट भेज सकती हैं।
इस पर अनिल विज नाराज हो गए और कहा कि वे पूरे हरियाणा में किसी को भी सस्पेंड करने का अधिकार रखते हैं। हालांकि एसपी ने नियमों का हवाला देते हुए अपने अधिकार क्षेत्र की सीमाएं दोहराईं।
यह पहला मौका नहीं है जब अनिल विज का किसी महिला अधिकारी से टकराव हुआ हो।
Sangeeta Kalia जब फतेहाबाद की एसपी थीं, तब उनकी भी अनिल विज से तीखी बहस हुई थी। उस समय विज गृहमंत्री थे और कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
एक शिकायत की सुनवाई के दौरान विज ने एसपी कालिया को ‘गेट आउट’ तक कह दिया था। हालांकि संगीता कालिया बैठक से बाहर नहीं गईं। बाद में उनका तबादला कर दिया गया। वर्तमान में वे गुरुग्राम में संयुक्त पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं।
नवंबर 2024 में Anil Vij ने पानीपत के पूर्व पार्षद से जुड़े आत्महत्या मामले में Manisha Chaudhary के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
एफआईआर दर्ज होने के बाद उनकी चंडीगढ़ में एसएसपी ट्रैफिक के पद पर प्रस्तावित पोस्टिंग भी अटक गई थी। इस फैसले पर प्रदेश की आईपीएस लॉबी ने नाराजगी जताई थी।
लॉकडाउन के दौरान शराब की अवैध बिक्री के मामले में Pratiksha Godara, जो उस समय सोनीपत की एसपी थीं, के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।
यह घटनाएं बताती हैं कि अनिल विज अक्सर प्रशासनिक मुद्दों पर सख्त रुख अपनाते हैं, जिससे कई बार अधिकारियों के साथ सार्वजनिक टकराव की स्थिति बन जाती है।
Anil Vij को हरियाणा की राजनीति में स्पष्टवादी और सख्त मंत्री के रूप में जाना जाता है। समर्थक उन्हें निर्णायक नेता मानते हैं, जबकि आलोचक उनके कार्यशैली को टकरावपूर्ण बताते हैं।
कैथल एसपी उपासना के साथ हुई हालिया बहस ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारों और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है।
हरियाणा की राजनीति में अनिल विज का नाम अक्सर विवादों के साथ जुड़ता रहा है, खासकर महिला आईपीएस अधिकारियों के साथ हुए टकराव को लेकर।
हालिया घटना ने प्रशासनिक मर्यादाओं और अधिकार क्षेत्र की सीमाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है—क्या यह सिर्फ एक बैठक की गरमागरम बहस थी या इसके राजनीतिक असर भी देखने को मिलेंगे।
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