अमेरिका: में टैरिफ को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के कुछ ही घंटों बाद पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया।
ट्रम्प ने कहा कि भारत के साथ जो ट्रेड डील तय हुई है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। समझौता पहले की तरह आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देश टैरिफ देंगे, अमेरिका नहीं।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में टैरिफ से जुड़े आदेशों को रद्द कर दिया था। इसके तीन घंटे के भीतर ट्रम्प ने धारा 122 के तहत नया आदेश लाने की घोषणा की, जिसके तहत दुनियाभर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू किया जाएगा।
हालांकि भारत के साथ पहले तय 18% टैरिफ ढांचे में यह नया 10% शामिल होगा या अलग से लागू होगा, इस पर स्पष्ट बयान नहीं दिया गया।
BBC की रिपोर्ट के अनुसार व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि ब्रिटेन, भारत और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर अब धारा 122 के तहत 10% टैरिफ लागू होगा।
यदि ऐसा होता है तो भारत पर कुल टैरिफ 18% से घटकर 10% रह सकता है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
भारत के वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने बताया कि अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौता फरवरी के अंत तक फाइनल हो जाएगा।
मार्च में इस पर हस्ताक्षर होंगे और अप्रैल से यह लागू होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में भारत अन्य बड़े देशों के साथ भी व्यापारिक समझौतों को अंतिम रूप देगा।
23 फरवरी से भारत और अमेरिका के अधिकारी अमेरिका में तीन दिनों की महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
इस बैठक का उद्देश्य 7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान के आधार पर कानूनी मसौदा तैयार करना है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन करेंगे।
उम्मीद है कि 25% से घटाकर 18% टैक्स करने का आधिकारिक आदेश जल्द जारी होगा।
इससे भारत के कपड़ा, चमड़ा और जेम्स-ज्वैलरी जैसे क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है। निर्यात में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
7 फरवरी को ट्रेड डील की घोषणा करते हुए Piyush Goyal ने स्पष्ट किया था कि भारतीय कृषि उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर निर्यात किए जाएंगे।
हालांकि अमेरिका के कृषि उत्पादों को भारत में कोई विशेष टैरिफ छूट नहीं दी गई है।
साथ ही जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) फूड को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है।
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 50 हजार करोड़ डॉलर के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है।
इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% किया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
दोनों देशों ने नॉन-टैरिफ बैरियर्स को हटाने पर भी जोर दिया है।
इनमें मेडिकल डिवाइसेस की कीमत निर्धारण, रजिस्ट्रेशन में देरी और तकनीकी मानकों से जुड़ी बाधाएं शामिल हैं। इन अड़चनों को दूर करने से व्यापारिक प्रक्रियाएं सरल होंगी।
भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अप्रैल से लागू हो सकता है। इससे भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो ड्यूटी पर प्रवेश मिलेगा।
ओमान के साथ समझौता भी अप्रैल में लागू होने की उम्मीद है, जिससे खाड़ी देशों में भारतीय उत्पादों की पहुंच और मजबूत होगी।
अमेरिका में टैरिफ को लेकर तेजी से बदलते घटनाक्रम वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डाल सकते हैं। ट्रम्प ने भारत के साथ ट्रेड डील को सुरक्षित बताया है, लेकिन 10% ग्लोबल टैरिफ की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने में अभी समय लगेगा।
अगर भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% होता है, तो यह भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। आने वाले हफ्तों में स्थिति और स्पष्ट होगी।
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