पीएम सूर्य घर योजना में पिछड़ा राजस्थान! सोलर रूफटॉप लगाने में फिसली रफ्तार, देश में 5वें नंबर पर पहुंचा राज्य

जयपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में सोलर रूफटॉप प्लांट तेजी से लगाए जा रहे हैं, लेकिन राजस्थान इस रेस में पिछड़ता नजर आ रहा है। सोलर ऊर्जा की अपार संभावनाओं वाला यह राज्य अब देश में 5वें स्थान पर खिसक गया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में अब तक केवल 1 लाख 22 हजार 750 सोलर रूफटॉप प्लांट ही लगाए जा सके हैं, जबकि 2 लाख 49 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने आवेदन कर रखा है। यानी आधे से ज्यादा आवेदन अभी भी फाइलों में उलझे हुए हैं।


डिस्कॉम की देरी बनी बड़ी रुकावट

योजना के धीमे क्रियान्वयन की सबसे बड़ी वजह डिस्कॉम स्तर पर प्रक्रियागत देरी बताई जा रही है।

  • सब-डिवीजन स्तर पर फाइलें अटक रही हैं

  • मीटर टेस्टिंग में अनावश्यक देरी हो रही है

  • उपभोक्ताओं को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं

इन कारणों से योजना की रफ्तार लगातार प्रभावित हो रही है।


852 करोड़ की सब्सिडी ही मिल पाई

राज्य में अब तक केंद्र सरकार की ओर से 852 करोड़ रुपये की सब्सिडी ही उपभोक्ताओं तक पहुंच पाई है, जबकि आवेदन और संभावनाएं इससे कहीं ज्यादा हैं।
वर्तमान में राजस्थान में रोजाना औसतन 400 सोलर रूफटॉप प्लांट लगाए जा रहे हैं, जबकि लक्ष्य इसे बढ़ाकर 800 प्लांट प्रतिदिन करने का है।


5 लाख सोलर प्लांट का बड़ा लक्ष्य

पीएम सूर्य घर योजना के तहत राजस्थान में 5 लाख सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार ने पिछले बजट में इस योजना को फ्री बिजली योजना से जोड़ते हुए बड़ा ऐलान किया था—

1.04 करोड़ रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर प्लांट लगाकर 150 यूनिट मुफ्त बिजली।

लेकिन ज़मीनी हकीकत में यह घोषणा अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है।


मुख्य सचिव से लेकर आरईसी चेयरमैन तक नाराज

योजना की सुस्त प्रगति को लेकर

  • मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम प्रबंधन के साथ लगातार बैठकें कर चुके हैं

  • इसके बावजूद हालात में खास सुधार नहीं हुआ

वहीं 26 दिसंबर को आरईसी चेयरमैन जितेंद्र श्रीवास्तव ने विद्युत भवन में डिस्कॉम चेयरमैन आरती डोगरा के साथ बैठक कर नाराजगी जताई और योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

गौरतलब है कि आरईसी (Rural Electrification Corporation) ही पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रीय क्रियान्वयन एजेंसी है।


निष्कर्ष:

सोलर एनर्जी के लिहाज से सबसे उपयुक्त राज्यों में गिने जाने वाले राजस्थान का पीएम सूर्य घर योजना में पिछड़ना चिंता का विषय है।
अगर डिस्कॉम की कार्यप्रणाली में सुधार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और तेज निगरानी नहीं हुई, तो न सिर्फ 5 लाख प्लांट का लक्ष्य खतरे में पड़ेगा, बल्कि फ्री बिजली का सपना भी अधूरा रह जाएगा

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |