राजकोट (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 की अपनी पहली गुजरात यात्रा का शंखनाद राजकोट से किया। रविवार को मारवाड़ी विश्वविद्यालय में एक भव्य व्यापार प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद, पीएम ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा बीतने के बाद अब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज पर खड़ा है और वैश्विक समुदाय की उम्मीदें भारत से शिखर पर हैं।
'विकास भी, विरासत भी' का मंत्र प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत सोमनाथ दादा का स्मरण करते हुए की। उन्होंने कहा, "2026 की मेरी यात्रा सोमनाथ के चरणों में सिर झुकाकर शुरू हुई और अब राजकोट का यह उत्साह दिखा रहा है कि 'विकास भी और विरासत भी' का मंत्र आज हर तरफ गूंज रहा है।"
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर कदम पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक ताकत के कुछ प्रमुख बिंदु साझा किए:
वैश्विक नेतृत्व: भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।
डिजिटल क्रांति: UPI आज दुनिया का नंबर-1 रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म है और भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता बन गया है।
विनिर्माण (Manufacturing): भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
बुनियादी ढांचा: मेट्रो नेटवर्क और एविएशन मार्केट में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल है।
कच्छ: पेरिस से 5 गुना बड़ा एनर्जी पार्क कच्छ और सौराष्ट्र की बदलती तस्वीर पर गर्व व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी सूखे और भूकंप से जूझने वाले इस क्षेत्र ने अपनी किस्मत खुद लिखी है। उन्होंने घोषणा की कि कच्छ में 30 गीगावाट क्षमता का रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बन रहा है, जो पेरिस शहर से भी पांच गुना बड़ा होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क होगा, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य का आधार बनेगा।
निवेशकों को सीधी नसीहत: "देरी की तो मुझे दोष मत देना" पीएम मोदी ने उद्योगपतियों से अपील करते हुए कहा कि भारत में 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' दौड़ रही है। जीएसटी, इनकम टैक्स कानूनों का आधुनिकीकरण और लेबर रिफॉर्म्स ने व्यापार करना आसान बना दिया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "मैं लंबे समय से निवेश की बात कह रहा हूं, अगर आप अब भी देरी करेंगे तो बाद में मुझे दोष मत देना। सौराष्ट्र और कच्छ में आपका निवेश देश की प्रगति में बड़ा योगदान देगा।"
रवांडा का उदाहरण और गिर गाय की चर्चा प्रधानमंत्री ने गिर गायों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे रवांडा में भेंट की गई 200 गिर गायों ने वहां के हजारों परिवारों की किस्मत बदल दी है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा और संबोधन केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह 2026 के विकसित भारत का रोडमैप था। 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार भारत अब पुरानी चुनौतियों को पीछे छोड़कर नई वैश्विक भूमिका निभाने को तैयार है। राजकोट से पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि निवेश के लिए भारत से बेहतर समय और स्थान दुनिया में कहीं और नहीं है।
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