नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में सांस लेना एक बार फिर चुनौती बन गया है। हवा की दिशा बदलने और रफ्तार बेहद धीमी पड़ने के कारण दिल्ली की फिजा “बेहद खराब” श्रेणी में पहुंच गई है। शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 354 दर्ज किया गया, जो बीते दिन की तुलना में और अधिक खराब स्थिति को दर्शाता है।
एनसीआर में गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा, जहां AQI 376 तक पहुंच गया। नोएडा में 363, ग्रेटर नोएडा में 358 और गुरुग्राम में 347 AQI दर्ज किया गया। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि फरीदाबाद की हवा तुलनात्मक रूप से बेहतर रही, जहां AQI 245 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के अनुसार, प्रदूषण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाहनों की रही। आंकड़ों के मुताबिक—
वाहन प्रदूषण: 15.08%
पेरिफेरल उद्योग: 12.29%
आवासीय क्षेत्र: 3.69%
निर्माण गतिविधियां: 1.91%
कूड़ा जलाना: 1.32%
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर-पूर्व दिशा से मात्र 5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जिससे प्रदूषक वातावरण में ही फंसे रहे। शाम छह बजे पीएम-10 की मात्रा 279.9 और पीएम-2.5 की मात्रा 170.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
हालात बिगड़ते देख वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 लागू कर दिया है। गुरुवार शाम 4 बजे AQI 343 था, जो शुक्रवार शाम तक बढ़कर 354 पहुंच गया। मौसम विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमान के मुताबिक, हवा की रफ्तार कम रहने और वातावरण स्थिर होने से AQI 400 के पार जा सकता है, जिससे स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
गौरतलब है कि हवा में कुछ सुधार के बाद 2 जनवरी को GRAP-3 हटाया गया था, लेकिन अब हालात दोबारा बिगड़ने पर इसे फिर से लागू करना पड़ा है। हालांकि GRAP-1 और GRAP-2 के कई प्रतिबंध पहले से ही जारी हैं।
सीएक्यूएम के अधिकारियों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियां, वाहन धुआं, पराली जलाना, पटाखे और स्थानीय प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर की हवा को बार-बार बेहद खराब स्थिति में पहुंचा देते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें।
दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है। अगर मौसम का मिजाज नहीं बदला और प्रदूषण पर सख्ती नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। GRAP-3 की वापसी इस बात का साफ संकेत है कि राजधानी की फिजा अब चेतावनी नहीं, बल्कि संकट की स्थिति में पहुंच चुकी है।
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