जयपुर: भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने शुक्रवार को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना में सुधार कर उसे “वीबी जी रामजी” के रूप में नया स्वरूप दिया है, जिससे ग्रामीण मजदूरों को पहले से अधिक लाभ मिलेगा।
अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस यह झूठा प्रचार कर रही है कि मनरेगा को बंद किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि इसकी खामियों को दूर कर इसे और प्रभावी बनाया गया है।
अरुण सिंह ने कहा कि नए कानून के तहत अब ग्रामीण गरीबों को 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यदि 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ते का भुगतान अनिवार्य होगा। इससे जवाबदेही तय होगी और मजदूरों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा के नाम पर सिर्फ गड्ढे खोदने और भरने का खेल चलता था। अगर उन कार्यों की नाप-जोख की जाए, तो एक विधानसभा क्षेत्र से भी ज्यादा क्षेत्रफल में सिर्फ गड्ढे ही भरे गए, जो भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है।
अरुण सिंह ने कहा कि पहले मनरेगा में सोशल ऑडिट नाम मात्र का होता था और कार्रवाई नहीं होती थी। लेकिन अब नए कानून के तहत भ्रष्टाचारियों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के नेता जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं ताकि भ्रष्टाचारियों को बचाया जा सके।
अरुण सिंह ने कहा कि नए कानून में गांव के विकास कार्यों की प्राथमिकता ग्राम सभा तय करेगी। इससे स्कूल, वेयरहाउस, कौशल केंद्र, नर्सिंग होम और तालाब जैसे विकास कार्य संभव होंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस को भगवान राम के नाम से इतनी आपत्ति क्यों है?
उन्होंने कहा कि चाहे रामसेतु हो, राम मंदिर हो या अब मनरेगा कानून में राम नाम का उल्लेख—कांग्रेस हर जगह विरोध करती है। यह समझ से परे है और इसे पाप कहा जाना चाहिए।
पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के भाजपा छोड़ने और कुछ नेताओं के कांग्रेस में लौटने के सवाल पर अरुण सिंह ने कहा कि एकाध नेता के जाने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जहां आने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है और जाने वालों की बहुत कम।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं के कारण दल बदलते हैं, लेकिन इससे पार्टी की ताकत पर कोई असर नहीं पड़ता।
अरुण सिंह ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर पेपरलीक का आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में हर परीक्षा में पेपर लीक होते थे और नेटबंदी आम बात थी। यहां तक कि चलती बसों में पेपर हल करवाने जैसी घटनाएं सामने आईं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं करा रही है, समय पर परिणाम आ रहे हैं और युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
अरुण सिंह ने कहा कि कांग्रेस विध्वंसक और नकारात्मक राजनीति कर रही है, जिसे जनता लगातार नकार रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के चुनाव परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास केंद्रित राजनीति पर भरोसा जता रही है।
अरुण सिंह के बयान साफ संकेत देते हैं कि भाजपा मनरेगा सुधार, राम नाम और सुशासन को लेकर कांग्रेस पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। भाजपा जहां विकास और पारदर्शिता का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और नकारात्मक राजनीति का आरोप लगा रही है। आने वाले समय में यह टकराव राजस्थान की राजनीति में और तेज होने के संकेत दे रहा है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.