राजस्थान: के अजमेर की कायड़ विश्रामस्थली शनिवार को राजनीतिक और स्वास्थ्य—दोनों दृष्टि से अहम मंच बन गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) वैक्सीनेशन के राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में 21,800 युवाओं को सरकारी नौकरी के जॉइनिंग लेटर भी वितरित किए गए।
हालांकि स्वास्थ्य और रोजगार जैसे सकारात्मक एजेंडे के बीच प्रधानमंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला सुर्खियों में रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उसके “कुकर्मों” के लिए देश कभी माफ नहीं करेगा और तंज कसते हुए कहा—“कभी यह INC थी, अब MMC बन गई है—मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस।”
प्रधानमंत्री ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए HPV टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कुछ छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से टीका लगाया गया। प्रधानमंत्री ने उनसे संवाद करते हुए पूछा कि टीका क्यों जरूरी है और इसके क्या लाभ हैं।
HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। भारत में हर साल हजारों महिलाओं की मौत इस बीमारी से होती है। सरकार का लक्ष्य है कि किशोरियों को समय रहते टीका देकर इस खतरे को कम किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा, “देश की बेटियां स्वस्थ और सुरक्षित रहें, यह हमारी प्राथमिकता है। विकसित भारत की नींव स्वस्थ नारी शक्ति से ही मजबूत होगी।”
अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावों में हार रही है और निराशा में देश को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “देश को बदनाम करना, सेना को कमजोर दिखाना, यह कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। अब यह पार्टी INC नहीं रही, MMC बन गई है—मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस।”
प्रधानमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विदेशी मंचों पर भारत की छवि खराब करने का प्रयास करती है। हाल ही में दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जहां दुनिया भारत की सराहना कर रही थी, वहीं कांग्रेस ने आलोचना का रास्ता चुना।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान में सिंचाई और जल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नदियों को जोड़ने की पहल से राज्य को बड़ा लाभ होगा। संशोधित पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना और यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने सिंचाई परियोजनाओं को फाइलों में उलझाए रखा। अब भाजपा सरकार उन्हें धरातल पर उतार रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर सफलता हासिल की है। सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सेना ने देश का मान बढ़ाया है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में रक्षा सौदों में घोटाले हुए और सैनिकों को जरूरी संसाधनों से वंचित रखा गया।
कार्यक्रम में 21,800 युवाओं को सरकारी नौकरी के जॉइनिंग लेटर दिए गए। दो युवाओं—अंकिता मीणा और मुकेश प्रजापत—को प्रधानमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह केवल नियुक्ति पत्र नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों को साकार करने का अवसर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दो साल पहले राजस्थान में पेपर लीक की खबरें सुर्खियों में रहती थीं, लेकिन अब स्थिति बदली है और युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से अवसर मिल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने लगभग 16,686 करोड़ रुपये की 43 प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क, रेलवे, पेयजल, ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, एलिवेटेड रोड निर्माण और पेयजल परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया। बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूत करने के लिए भी हजारों करोड़ की योजनाओं की घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री ने हालिया इजराइल यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान के वीर मेजर दलपत सिंह के शौर्य को वहां आज भी याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि इजराइल की संसद में उन्हें श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के वीरों ने इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य के गौरव को दुनिया में स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री की सभा को देखते हुए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। लगभग 2 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया।
जयपुर-अजमेर हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। किशनगढ़ एयरपोर्ट से सभा स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
अजमेर की इस सभा में एक ओर जहां सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर तीखे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य पहल को राजनीतिक मंच से जोड़ना जनजागरूकता के लिहाज से प्रभावी हो सकता है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से ध्यान बंटने की आशंका भी रहती है।
प्रधानमंत्री के MMC वाले बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया आना तय है। कांग्रेस पहले भी इस तरह के बयानों को विभाजनकारी करार देती रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
अजमेर की सभा ने दो स्पष्ट संदेश दिए—एक, सरकार स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर सक्रिय पहल कर रही है; दूसरा, राजनीतिक टकराव अपने चरम पर है। HPV वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं कांग्रेस पर MMC टिप्पणी ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
राजस्थान की धरती से प्रधानमंत्री ने विकास, सुरक्षा और राजनीतिक विमर्श—तीनों को एक मंच पर साधने की कोशिश की। अब देखना होगा कि इस रैली का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव कितना व्यापक होता है।
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