राजस्थान: के चर्चित एसआई भर्ती पेपरलीक मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पेपरलीक रैकेट के कथित मास्टरमाइंड जगदीश विश्नोई को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द कराने के लिए अब राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय करोल और जस्टिस कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी जगदीश विश्नोई को नोटिस जारी किया है।
सरकार ने अपनी विशेष अनुमति याचिका (SLP) में हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर आरोपों और मजबूत साक्ष्यों के बावजूद आरोपी को जमानत देना गलत था।
राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कोर्ट में कहा कि:
“जगदीश विश्नोई एसआई भर्ती-2021 पेपरलीक रैकेट का मास्टरमाइंड और किंगपिन है।”
सरकार के मुताबिक आरोपी ने:
सरकार ने दावा किया कि जिन 25 अभ्यर्थियों तक लीक पेपर पहुंचाया गया, वे सभी भर्ती में चयनित हुए।
सरकार ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान आरोपी के पास से एक अकाउंट डायरी बरामद हुई थी।
इस डायरी में:
दर्ज थी।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि डायरी में लिखावट जगदीश विश्नोई की ही थी।
राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
सरकार के अनुसार:
इसी आधार पर सरकार ने कहा कि आरोपी को जमानत पर बाहर रखना जांच और ट्रायल के लिए खतरा हो सकता है।
राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस बड़े पेपरलीक मामले में:
सरकार का कहना है कि आरोपी की प्रभावशाली भूमिका को देखते हुए वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
जगदीश विश्नोई को 16 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ से जमानत मिली थी।
हालांकि, जब वह 19 जनवरी को जेल से बाहर निकल रहा था, तभी एसओजी ने उसे 2020-21 के एक अन्य पेपरलीक मामले में फिर गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद आरोपी की पत्नी ने हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि:
“चार साल पुराने मामले में केवल जमानत रोकने के लिए नया केस दर्ज किया गया।”
30 अप्रैल को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए सरकार की कार्रवाई को “दुर्भावनापूर्ण” बताया था।
कोर्ट ने कहा था कि नया मुकदमा दर्ज करने के पीछे जमानत का लाभ रोकने की मंशा दिखाई देती है।
अब राजस्थान सरकार ने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में पेपरलीक मामलों ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा खड़ा किया है।
युवाओं में लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच सरकार पर भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने का दबाव बढ़ा है।
एसआई भर्ती पेपरलीक मामला प्रदेश के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में गिना जा रहा है।
अब सभी की नजर सुप्रीम Court की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। यदि कोर्ट सरकार की दलीलों से सहमत होता है तो जगदीश विश्नोई की जमानत रद्द हो सकती है।
वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराने की कोशिश करेगा।
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