पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के जरिए अलवर जिले तक पानी पहुंचाने की योजना निर्णायक चरण में पहुंच गई है। विभाग ने परियोजना का अलाइमेंट लगभग फिक्स कर लिया है और 28 मई को होने वाली बैठक में इसे उच्च अधिकारियों के सामने रखा जाएगा। बैठक के बाद जमीन अधिग्रहण, अतिक्रमण हटाने और नहर निर्माण की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। विभागीय टीम ड्रोन सर्वे और जमीनी स्थिति का अध्ययन कर रही है।
परियोजना के तहत अलवर जिले में प्रवेश से पहले कई बांधों को जोड़ने की तैयारी है, ताकि भविष्य में जिले के अधिक से अधिक क्षेत्रों को पानी मिल सके। अलाइमेंट तय होने के बाद सबसे बड़ा काम जमीन अधिग्रहण का होगा। नहर मार्ग में आने वाले मकान, पहाड़, सड़कें और अतिक्रमण की पहचान कर वैकल्पिक समाधान तैयार किए जाएंगे।
ईआरसीपी के तहत अलवर क्षेत्र में दो नए कृत्रिम जलाशय विकसित किए जाएंगे—बिगोता और हाजीपुर-डढ़ीकर क्षेत्र में। इन जलाशयों का उद्देश्य पानी का संग्रहण बढ़ाना और सूखे प्रभावित क्षेत्रों को स्थायी राहत देना है। परियोजना के पहले चरण में नटनी के बारा से जयसमंद बांध तक नहर के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा।
अलवर तक पानी पहुंचने के बाद जलदाय विभाग को घर-घर जल आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग शहर और ग्रामी
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