राजस्थान के झालावाड़ जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन युवकों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
पहला हादसा: पिड़ावा क्षेत्र में देर रात बांसखेड़ी गांव के पास सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली के कारण हुआ। ट्रॉली पंचर होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान पिड़ावा से अपने गांव की ओर जा रहे दो युवक बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे। अंधेरा अधिक होने के कारण ट्रॉली का समय पर पता नहीं चल पाया और उनकी बाइक सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों की पहचान पिड़ावा थाना पुलिस ने दुर्गालाल (30) पुत्र भगवान लाल मेघवाल निवासी ढाबला भोज और भरत सिंह (19) पुत्र विक्रम सिंह सोंधिया राजपूत निवासी बांसखेड़ी के रूप में की। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचा और मिट्टी हटाकर दोनों युवकों को पिड़ावा उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे के कारणों की प्रारंभिक जांच में सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को मुख्य वजह माना जा रहा है।
दूसरा हादसा: हरनावदा-मनोहरथाना मार्ग पर गुरुवार रात गणेशपुरा के निकट एक निजी बस और दो बाइकों की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांगाहोनी निवासी अर्जुन (25) के रूप में हुई। हादसे में दोनों बाइकों पर सवार तीन लोग और बस के चालक-परिचालक सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
घायलों में हरनावदाशाहजी निवासी छोटूलाल (65) और उसका पुत्र लोकेश राठौर (36), दूसरी बाइक पर सवार खेड़ी जागीर निवासी दिनेश लोधा (24), बस चालक कुम्भाखेड़ी निवासी राजेश भील (40) और बस परिचालक गणेशपुरा काकोणी निवासी नंदकिशोर राव (42) शामिल हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों और हरनावदा थाना की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरनावदाशाहजी पहुंचाया गया और गंभीर स्थिति में उन्हें झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर किया गया।
दोनों घटनाओं के बाद मृतकों के परिवार और ग्रामीणों में मातम छा गया। परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने हादसों के कारणों की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए उपाय सुझाने की प्रक्रिया में हैं।
राजस्थान में सड़क हादसे, विशेषकर रात में अंधेरे और खड़ी वाहनों के कारण होने वाले हादसों पर प्रशासन और आम जनता दोनों की सतर्कता आवश्यक है।
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