जोधपुर मिर्चीबड़ा व्यवसायी पर जीएसटी चोरी का मामला

राजस्थान के जोधपुर शहर में एक नामी मिर्चीबड़ा व्यवसायी पर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। व्यवसायी ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों के माध्यम से मिर्चीबड़े भेजने के बावजूद फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर रहा था। स्टेट जीएसटी विभाग ने व्यवसायी को नोटिस जारी कर जून के प्रथम सप्ताह तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

तीन दिन पहले हुई प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने प्रायोगिक तरीका अपनाया। कलक्ट्रेट स्थित अपने ऑफिस से दो मिर्चीबड़े के ऑर्डर दिए गए, जिससे यह देखा गया कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियां जैसे जोमैटो या स्विगी उनका ऑर्डर ले रही हैं या नहीं। ऑर्डर रिसिव होने और बिल बनने के बाद ही व्यवसायी पर विभाग का शक गहरा गया।

दरअसल व्यवसायी अपने जीएसटी रिटर्न में ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों के माध्यम से की गई सप्लाई को शून्य दर्शा रहा था। जबकि कंपनियां ग्राहकों से GST वसूल कर सरकार में जमा कर रही थीं, इसलिए वे ITC क्लेम भी कर रही थीं। व्यवसायी ने बगैर टैक्स जमा किए फर्जी ITC क्लेम कर सरकार को आर्थिक हानि पहुंचाई। स्टेट जीएसटी विभाग अब उसकी ITC और जुर्माने की गणना कर रहा है।

मिर्चीबड़ा, समोसा और कचोरी जैसे खाद्य उत्पादों पर 5 प्रतिशत GST लागू है। काउंटर बिक्री में ग्राहकों से टैक्स वसूला जाता है, लेकिन अधिकांश दुकानों पर नियमित बिलिंग नहीं होने के कारण वास्तविक बिक्री और खपत का सटीक रिकॉर्ड नहीं बन पाता। इसी वजह से विभाग समय-समय पर बिक्री और रिटर्न का मिलान करता है।

राजस्थान सरकार ने करीब एक साल के बाद स्थानीय स्तर पर जीएसटी सर्वे और छापों पर लगी रोक हटा दी है। अधिकारियों को ₹10 लाख से अधिक राजस्व हानि के मामलों में सर्वे और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। स्पष्ट किया गया है कि बिना ठोस आधार केवल व्यापारियों को परेशान करने के उद्देश्य से कार्रवाई नहीं की जाएगी। कर चोरी और फर्जी बिलिंग पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पिछले एक साल से मुख्य कार्रवाई जयपुर स्थित एंटी-इवेजन विंग ही कर रही थी।

इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि जीएसटी विभाग फूड डिलीवरी और पारंपरिक व्यापार दोनों में कर चोरी की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। व्यवसायियों के लिए यह चेतावनी है कि ITC क्लेम और बिक्री का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज करना अनिवार्य है। वहीं आम जनता के लिए भी यह संकेत है कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी में टैक्स का उचित भुगतान सरकार को सुनिश्चित करना आवश्यक है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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