राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में दो गंभीर घटनाओं ने सुरक्षा और साइबर जागरूकता की अहमियत को उजागर किया है। पहली घटना में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे एक युवक फरहान उर्फ दानिश पुत्र बाबर खान को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। स्पेशल सेल ने उसके मूवमेंट को ट्रैक किया और पुख्ता इनपुट मिलने के बाद राजातालाब थाना क्षेत्र के चूना भट्टी इलाके में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। फरहान मुंबई में ओला कैब चलाने के बाद बांसवाड़ा आया और बहन के साथ किराए के मकान में रह रहा था। आतंकी और देश विरोधी तत्वों से संबंध होने की आशंका के चलते उसे दिल्ली ले जाया गया।
बांसवाड़ा पुलिस ने पुष्टि की कि यह मामला देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। स्पेशल सेल की कार्रवाई गोपनीय और योजनाबद्ध तरीके से की गई ताकि आरोपी को कोई भनक न लगे। ASP कालूराम वर्मा और DIG ओमप्रकाश मीणा के नेतृत्व में टीम ने शिकायतकर्ताओं के इनपुट पर कार्रवाई की और आरोपी के आधिकारिक दफ्तर तथा दस्तावेजों को सीज किया। तलाशी के दौरान पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य पुलिस अधिकारी भी इस अवैध नेटवर्क में शामिल हैं।
दूसरी घटना साइबर ठगी से संबंधित है। बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के मोकमपुरा गांव में स्थानीय व्यापारी लखन पंवार के बैंक खाते से साइबर ठगों ने मात्र आठ मिनट के भीतर पांच लाख 80 हजार रुपए उड़ा लिए। यह लेनदेन 27 तारीख की देर रात लगभग एक बजे हुआ। पीड़ित ने कोई OTP या पिन साझा नहीं किया था, जिससे यह हाईटेक साइबर फ्रॉड माना जा रहा है।
लखन पंवार ने बांसवाड़ा साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस बैंक से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच कर रही है और पैसे के ट्रांसफर विवरण की पुष्टि कर रही है। अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर तकनीकी जांच भी शुरू की गई है।
इन घटनाओं ने दर्शाया कि आधुनिक समय में अपराध केवल भौतिक रूप से ही नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम से भी हो रहे हैं। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहना और साइबर सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस दिशा में एक मजबूत संदेश दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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