जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने संयुक्त पहल शुरू की है। इसके तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए 38 एप्रोच सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
रीको और पीडब्ल्यूडी की 50-50 प्रतिशत कोस्ट शेयरिंग मॉडल पर यह कार्य किया जाएगा। इन 38 औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कों की कुल लंबाई लगभग 205 किलोमीटर है, और इनके निर्माण व उन्नयन पर करीब 290.82 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों को राज्य राजमार्गों से बेहतर तरीके से जोड़ना है, ताकि उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिल सके।
इस योजना से आबूरोड, अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, चूरू, दौसा, जयपुर, जालौर, झालावाड़, कोटा, नीमराना, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और उदयपुर सहित कई जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन की लागत कम होगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
पीडब्ल्यूडी ने 6 मई 2026 को इन सड़कों के निर्माण के लिए 290.82 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की है। रीको के निदेशक मंडल ने मार्च 2026 में अनुमोदन दिया था, और रीको की कुल भागीदारी राशि 145.41 करोड़ रुपए तय की गई, जिसमें से 72.70 करोड़ रुपए की पहली किश्त पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित की जा चुकी है। निविदाएं आमंत्रित कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।
सड़क परियोजना के साथ-साथ रीको औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दे रहा है। 24 औद्योगिक क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के माध्यम से कार्य कराए जाएंगे, जिन पर लगभग 143 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
रीको का मानना है कि बेहतर सड़क और पेयजल सुविधाएं औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए रोजगार अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार की यह पहल राजस्थान को औद्योगिक निवेश के लिए और अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.