राजस्थान: के श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और RUIDP (राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट) के अधिकारियों के बीच हुए विवाद ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने हाई लेवल जांच कमेटी गठित की है, जिसकी अगुवाई यूडीएच शासन सचिव और IAS अधिकारी रवि जैन कर रहे हैं। शनिवार को कमेटी ने श्रीगंगानगर पहुंचकर दोनों पक्षों से पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
यह मामला गुरुवार को सामने आया था, जब भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के दौरान RUIDP के AEN जगनलाल बैरवा समेत तीन अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की। विधायक ने दावा किया कि इस हमले में उनकी आंख और चेहरे पर चोट आई तथा उनका चश्मा भी टूट गया।
विधायक की शिकायत पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने RUIDP के AEN जगनलाल बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज और L&T कंपनी के प्लानिंग मैनेजर सोहम को गिरफ्तार किया था। हालांकि अगले ही दिन अदालत से तीनों को जमानत मिल गई।
जमानत मिलने के बाद अधिकारियों ने मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। AEN जगनलाल बैरवा ने विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई। बैरवा का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें जमीन पर पटककर पीटा, पाइप से हमला किया और लगातार लातें मारीं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को सौंपने से पहले उन्हें नई शर्ट पहनाई गई ताकि चोटें छिपाई जा सकें।
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने तुरंत हाई लेवल जांच कमेटी का गठन किया। शुक्रवार रात को जांच कमेटी श्रीगंगानगर पहुंची और शनिवार सुबह से सर्किट हाउस में दोनों पक्षों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की गई। कमेटी ने विधायक जयदीप बिहाणी, AEN जगनलाल बैरवा, RUIDP अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से लंबी बातचीत की।
जांच कमेटी के अध्यक्ष IAS रवि जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं और तथ्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और उनसे जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी।
इधर विधायक जयदीप बिहाणी ने जांच कमेटी के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने जनता के पैसों की लूट रोकने की कोशिश की, इसलिए उनके खिलाफ साजिश रची गई। बिहाणी ने RUIDP और L&T कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर में घटिया निर्माण कार्य किए गए हैं और अब पूरे काम की जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा, “मैं शहर के हर पुराने खड्डे खुदवाऊंगा। चाहे इसके लिए एक हजार करोड़ रुपए का इंतजाम करना पड़े, लेकिन जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होने दूंगा।”
विधायक ने यह भी दावा किया कि उन्होंने किसी अधिकारी को थप्पड़ नहीं मारा। उनके अनुसार, AEN जगनलाल बैरवा ने ही उन पर हमला किया था। बिहाणी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठी कहानी बनाई जा रही है और कुछ लोग प्रशासनिक दबाव बनाकर मामले को मोड़ना चाहते हैं।
दूसरी तरफ, AEN जगनलाल बैरवा ने जांच कमेटी को बताया कि विधायक पहले से उनसे नाराज थे। बैरवा ने कहा कि जैसे ही वे विधायक से मिलने पहुंचे, उन्हें थप्पड़ मार दिए गए और गालियां दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक समर्थकों ने उन्हें घेरकर हमला किया।
मामले ने सामाजिक रंग भी ले लिया है। जांच कमेटी के श्रीगंगानगर पहुंचते ही वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग विधायक के समर्थन में सर्किट हाउस पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने शहर में खराब विकास कार्यों और अव्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन के सामने नाराजगी जताई।
व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी L&T कंपनी पर घटिया निर्माण कार्य कराने के आरोप लगाए। व्यापारियों ने कहा कि शहर में सड़कों और सीवरेज कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
अब पूरे मामले पर सबकी नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपे जाने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। राजनीतिक हलकों में भी इस विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हैं, क्योंकि मामला सीधे सत्ता पक्ष के विधायक और सरकारी अधिकारियों के बीच टकराव से जुड़ा हुआ है।
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