पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर होता नजर आ रहा है। शुरुआती और दोपहर तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 200 सीटों के करीब पहुंचती दिखाई दे रही है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) 100 सीटों के आंकड़े से नीचे संघर्ष करती नजर आ रही है।
राज्य की 293 विधानसभा सीटों के लिए 23 जिलों में बने 77 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती जारी है। पूरे बंगाल में चुनावी माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। कई जगहों पर भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई हैं।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा नजरें भवानीपुर विधानसभा सीट पर टिकी हुई हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से है।
दोपहर बाद मतगणना के दौरान ममता बनर्जी खुद भवानीपुर के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित मतगणना केंद्र पहुंचीं। बताया गया कि टीएमसी के एक मतगणना एजेंट को केंद्र से बाहर किए जाने के आरोप के बाद मुख्यमंत्री वहां पहुंचीं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ राउंड्स में शुभेंदु अधिकारी की बढ़त बढ़ने लगी थी, जिसके बाद टीएमसी खेमे में हलचल तेज हो गई। इस सीट पर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भाजपा 193 सीटों पर आगे चल रही है। यदि यही रुझान परिणामों में बदलते हैं, तो बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने का रास्ता साफ हो सकता है।
भाजपा के कई उम्मीदवारों ने जीत भी दर्ज कर ली है। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
इन नतीजों ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया है। कोलकाता समेत कई जिलों में भाजपा समर्थक जश्न मनाते नजर आए।
मतगणना के बीच टीएमसी ने कई सीटों पर ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। बालुरघाट सीट से टीएमसी उम्मीदवार अर्पिता घोष ने दावा किया कि मतदान के दिन जिन ईवीएम मशीनों की बैटरी 70 प्रतिशत तक गिर गई थी, वे मतगणना के दिन 90 प्रतिशत से ज्यादा चार्ज दिखा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्वाचन अधिकारी को शिकायत दी गई है और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी अदालत का रुख करेगी।
हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मतगणना के दौरान बैरकपुर और कूचबिहार जैसे इलाकों में भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कूचबिहार के दिनहाटा क्षेत्र में हालात बिगड़ने पर केंद्रीय बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
मतगणना केंद्रों के बाहर भारी संख्या में CAPF जवान तैनात किए गए हैं। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यदि भाजपा की यह बढ़त अंतिम परिणाम में तब्दील होती है, तो यह बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा। 15 वर्षों से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने इस बार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं टीएमसी को कई क्षेत्रों में एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ा।
हालांकि अंतिम परिणाम आने तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं होगी, लेकिन शुरुआती रुझानों ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा ऐतिहासिक बढ़त की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि ममता बनर्जी के लिए सत्ता बचाना चुनौती बन गया है। भवानीपुर सीट पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां हर राउंड के साथ रोमांच बढ़ता जा रहा है।
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