राजधानी: जयपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब ऑपरेशन थिएटर (OT) में ड्यूटी कर रहे एक युवा डॉक्टर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। मृतक डॉक्टर की पहचान डॉ. सुनील कुमार (30) के रूप में हुई है, जो अस्पताल में पीजी सेकेंड ईयर के छात्र थे।
बताया जा रहा है कि रविवार शाम को उनकी ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी लगी थी। सोमवार सुबह तक जब वह अपने साथियों को दिखाई नहीं दिए, तब उन्हें ढूंढते हुए साथी डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर पहुंचे। वहां डॉ. सुनील कुमार का शव फर्श पर पड़ा मिला।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और मेडिकल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर शिवदासपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार मृतक डॉक्टर मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रहने वाले थे। वह जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पीजी सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे।
ASI घनश्याम ने बताया कि रविवार शाम करीब 7 बजे डॉ. सुनील की ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी शुरू हुई थी। इसके बाद पूरी रात वह अस्पताल परिसर में ही मौजूद थे।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे तक जब वह अपने साथियों को नजर नहीं आए, तो उन्हें तलाशना शुरू किया गया। साथी डॉक्टर जब OT पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए।
ऑपरेशन थिएटर के अंदर डॉ. सुनील कुमार फर्श पर बेसुध हालत में पड़े थे। साथी डॉक्टरों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर फैलते ही अस्पताल में मौजूद मेडिकल स्टाफ और छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कई डॉक्टर और कर्मचारी मौके पर एकत्र हो गए।
फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलने पर शिवदासपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा।
फिलहाल पुलिस अस्पताल के CCTV फुटेज, ड्यूटी रिकॉर्ड और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रशासन आंतरिक जांच भी कर रहा है।
बताया जा रहा है कि डॉ. सुनील मेहनती और शांत स्वभाव के छात्र थे। उनके साथ पढ़ने वाले साथी डॉक्टरों ने घटना पर गहरा दुख जताया है।
इस घटना के बाद एक बार फिर मेडिकल प्रोफेशन में काम के दबाव और मानसिक तनाव को लेकर बहस शुरू हो गई है। लंबे समय तक ड्यूटी, लगातार काम और तनावपूर्ण माहौल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं।
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि युवा डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि डॉ. सुनील की मौत के पीछे कोई स्वास्थ्य समस्या थी या कोई अन्य कारण।
पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक डॉक्टर के परिजनों को दे दी है। हनुमानगढ़ से परिवार के सदस्य जयपुर पहुंच रहे हैं।
अस्पताल परिसर में साथी डॉक्टरों और छात्रों के बीच गमगीन माहौल बना हुआ है। कई मेडिकल छात्रों ने इस घटना को बेहद दुखद बताया।
शिवदासपुरा थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय ऑपरेशन थिएटर में और कौन-कौन मौजूद था तथा डॉक्टर की आखिरी गतिविधियां क्या थीं।
जयपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में युवा डॉक्टर डॉ. सुनील कुमार की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रातभर OT ड्यूटी के बाद सुबह उनका शव फर्श पर मिलना पूरे मेडिकल संस्थान के लिए बड़ा झटका है। फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
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