राजस्थान मानसून 2026 अपडेट: मेवाड़-वागड़ में जल्द दस्तक, 28 जून के बाद बारिश की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून के मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के रास्ते राजस्थान में प्रवेश का इंतजार अब अंतिम चरण में है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की मानसूनी शाखाएं आगे बढ़ चुकी हैं और महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में बारिश शुरू हो चुकी है। इसके प्रभाव से दक्षिणी राजस्थान में भी इस सप्ताह मानसूनी गतिविधियों के तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि शुरुआती दौर में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है और भारी बारिश की संभावना कम बताई जा रही है। सामान्यतः मानसून हर वर्ष 18 से 22 जून के बीच राजस्थान में प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसकी गति धीमी रहने के कारण अब तक आधिकारिक प्रवेश नहीं हो पाया है।

उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और हाड़ौती क्षेत्र में हुई प्री-मानसून बारिश ने मौसम को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन किसान अभी भी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून 28 जून के बाद राजस्थान में प्रवेश कर सकता है।

इस वर्ष मानसून की देरी के पीछे अलनीनो का प्रभाव, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव जैसे कारण बताए जा रहे हैं। शुरुआती चरण में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून के अधिक सक्रिय होने की संभावना है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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