राजस्थान में मानसून के आगमन का इंतजार लगातार बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 2 से 3 दिनों तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग में कहीं-कहीं तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मानसून के ठहराव और असामान्य जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण इस बार बारिश में देरी हो रही है। उम्मीद है कि जून के अंतिम सप्ताह में राजस्थान में मानसून प्रवेश कर सकता है।
वहीं, पश्चिमी राजस्थान में लगातार धूलभरी आंधियों का असर देखने को मिल रहा है। फलोदी में हाल ही में तेज धूलभरी आंधी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ, कई जगह टीन शेड उखड़ गए, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और सौर ऊर्जा उत्पादन पर भी असर पड़ा। आंधी के दौरान दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और हवा में बढ़े धूलकणों से प्रदूषण स्तर भी तेजी से बढ़ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मौसमी बदलाव नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी है। बढ़ता तापमान, मिट्टी की नमी में कमी और अनियमित मौसम पैटर्न के कारण इस तरह की घटनाएं अधिक तीव्र और बार-बार हो रही हैं। इसका असर स्वास्थ्य, कृषि, बिजली उत्पादन और दैनिक जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है।
सौर ऊर्जा हब के रूप में पहचान रखने वाले फलोदी में धूलभरी आंधी का सबसे अधिक असर सोलर प्लांट्स पर पड़ा, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
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