राजाखेड़ा नगर पालिका में पीएम आवास योजना में फर्जी पट्टों के जरिए लाभ लेने के आरोप, जांच शुरू

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फर्जी पट्टों के आधार पर सरकारी लाभ लेने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि इस योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद गरीबों तक पहुंचने के बजाय कथित रूप से कर्मचारियों, उनके परिजनों और कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा गलत तरीके से लिया गया है। मामले को लेकर नागरिकों ने मुख्यमंत्री सहित राज्य स्तरीय अधिकारियों से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पालिका में लंबे समय से फर्जी और अवैध पट्टों का कारोबार चल रहा है, जिनके आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है। कुछ मामलों में एक ही संपत्ति पर अलग-अलग नामों से दो-दो आवास स्वीकृत किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिससे योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई अपात्र लोगों ने इस योजना के तहत प्राप्त राशि से दुकानें और अन्य संपत्तियां भी बना ली हैं। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि एक ही संपत्ति के अलग-अलग पट्टे, जैसे माता और दादी के नाम पर, जारी कर योजना का गलत लाभ उठाया गया है।

शिकायतकर्ताओं ने राज्यपाल, मुख्य सचिव, नगरीय विकास मंत्री, जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारी राजाखेड़ा को भी पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

नगर पालिका के ईओ विष्णु परमार ने कहा है कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है, जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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