हालांकि, अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की कुल संख्या अभी भी बढ़ रही है। Open Doors 2025 के अनुसार 2024-25 में अमेरिका में 3,63,019 भारतीय छात्र थे, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 9.5% अधिक हैं। इसी अवधि में अमेरिका में कुल 11,77,766 अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ रहे थे।
भारतीय छात्रों के आवेदनों में कमी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए वीजा और इमिग्रेशन नीतियों में कई बदलाव प्रस्तावित या लागू किए जा रहे हैं। Common App के आंकड़ों के अनुसार भारत से आने वाले आवेदकों में 15% की गिरावट दर्ज हुई है।
छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने की संभावना भी एक अहम मुद्दा है। Optional Practical Training (OPT) के जरिए योग्य F-1 छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने अध्ययन क्षेत्र से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
अमेरिकी सरकार के स्तर पर OPT से जुड़ी फीस में बड़े बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। DHS के प्रस्ताव की व्हाइट हाउस के Office of Information and Regulatory Affairs (OIRA) ने समीक्षा पूरी कर ली है, लेकिन 1 लाख डॉलर की फीस अभी लागू नहीं हुई है। प्रस्ताव के अंतिम नियम बनने से पहले आगे की नियामकीय प्रक्रिया और सार्वजनिक टिप्पणियों का चरण होना है।
इसलिए फिलहाल छात्रों को 1 लाख डॉलर की नई OPT फीस का भुगतान नहीं करना है। प्रस्ताव के अंतिम रूप और लागू होने की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही वास्तविक फीस और उसके दायरे की जानकारी सामने आएगी।
Open Doors के मुताबिक 2024-25 में अमेरिका में 2,94,253 अंतरराष्ट्रीय छात्र OPT के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए अमेरिका में रह रहे थे। भारतीय छात्रों में भी OPT की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी।
अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा अवधि से जुड़ा एक और बड़ा बदलाव चर्चा में रहा। ट्रंप प्रशासन ने F-1 और J-1 वीजा धारकों के लिए लंबे समय से चली आ रही "duration of status" व्यवस्था को बदलकर निश्चित अवधि लागू करने का नियम प्रस्तावित किया था, जिसमें अधिकतम अवधि चार साल रखी गई थी।
हालांकि, 14 सितंबर 2026 को अमेरिकी संघीय अदालत ने इस नियम को लागू होने से रोक दिया। ऐसे में चार साल की सीमा को फिलहाल लागू नियम के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा।
अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए आगे H-1B वीजा लेने वाले विदेशी कर्मचारियों को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। DHS ने 25 अगस्त 2026 को H-1B cap-subject petitions के लिए 1,03,265 डॉलर की अतिरिक्त फीस का प्रस्ताव रखा है। यह मौजूदा अन्य फीस के अतिरिक्त होगी। प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां भी मांगी गई हैं।
यह फीस सीधे छात्रों की OPT फीस नहीं है। H-1B प्रस्ताव और OPT प्रस्ताव दो अलग-अलग नियामकीय प्रक्रियाएं हैं।
अमेरिका अभी भी भारतीय छात्रों के लिए प्रमुख विदेशी शिक्षा गंतव्यों में शामिल है। 2024-25 में 3.63 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र अमेरिका में थे और भारत लगातार दूसरे वर्ष अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत रहा।
वहीं, नए आवेदन में 15% की गिरावट और वीजा, OPT तथा H-1B से जुड़े प्रस्तावों ने अमेरिका में पढ़ाई और पढ़ाई के बाद रोजगार की योजना बनाने वाले छात्रों के सामने अनिश्चितता बढ़ाई है। आने वाले समय में इन नीतियों के अंतिम रूप और उनके लागू होने के बाद ही इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
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