समारोह में वक्ताओं ने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और बदलती जीवनशैली के दौर में इसके प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को आयुर्वेद से जुड़ी चिकित्सा पद्धतियों, स्वस्थ जीवनशैली और पारंपरिक उपचार पद्धतियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि ज्योति काकवानी सहित निदेशक प्रशासन श्री गोपाल परिहार और शासन उप सचिव भगवत सिंह मौजूद रहे। इनके अलावा आयुर्वेद एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को आमजन तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
समारोह में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आयुर्वेद को केवल उपचार की पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और स्वास्थ्य संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में भी लोगों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों और आयुर्वेदिक सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई गई।
राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से आयुर्वेद की उपयोगिता और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के महत्व को आमजन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और अतिथियों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में जागरूकता और सेवाओं के विस्तार को लेकर अपने विचार साझा किए।
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