निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के 159 नमूने जांच के लिए लिए गए, जबकि करीब 1500 किलोग्राम खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई। खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर 90 कैंटीन एवं खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट सहित अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। टीमों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और रसोई परिसर की साफ-सफाई की जांच की।
इसके अलावा खाद्य संचालकों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता तथा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को रखने एवं उनके रखरखाव की व्यवस्था भी जांची गई।
अभियान के तहत जयपुर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जेईसीआरसी हॉस्पिटल और नारायणा हॉस्पिटल की कैंटीनों तथा इनके आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सामने आई कमियों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के अनुसार विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए उपचार के साथ सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश देने के साथ आवश्यकता के अनुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
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