नई व्यवस्था के तहत सप्लीमेंट्री परीक्षा की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर विद्यार्थियों को सुधारात्मक परीक्षा के माध्यम से अपने परीक्षा परिणाम में सुधार करने का अवसर दिया जाएगा।
नई परीक्षा व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अधिकतम 3 विषयों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकेंगे। मुख्य परीक्षा और सुधारात्मक परीक्षा में प्राप्त अंकों में से विषयवार अधिक अंक को अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को कम अंक आने की स्थिति में दोबारा परीक्षा देकर अपना परिणाम बेहतर करने का अवसर मिलेगा।
नई व्यवस्था में सुधारात्मक परीक्षा के लिए पात्रता को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। 3 या उससे अधिक विषयों में फेल होने वाले या परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को सुधारात्मक परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा।
इस बदलाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना और सप्लीमेंट्री परीक्षा की अलग व्यवस्था को खत्म करना है। नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को परीक्षा के दबाव को कम करने और अपने प्रदर्शन में सुधार करने का अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान में 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर किया गया यह बदलाव विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत मुख्य परीक्षा के बाद मई में होने वाली सुधारात्मक परीक्षा विद्यार्थियों के लिए अपने परिणाम को बेहतर करने का एक अतिरिक्त अवसर होगी।
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