मदन राठौड़ ने कहा कि अगर राहुल गांधी को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करनी थी, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले अनुमति और समय लेना चाहिए था। चुनाव आयोग के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस के जरिए राहुल गांधी के नेतृत्व वाले सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के मिलने की जानकारी मिली थी। आयोग ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन लेने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी भेजने की पेशकश की थी, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।
राठौड़ ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर आरोप लगाने के बजाय वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। राठौड़ के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम दर्ज होने और कानूनन मतदान का अधिकार रखने वाला व्यक्ति ही वोट डाल सकता है।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और अब महिला पुलिसकर्मी से कथित धक्का-मुक्की का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
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