दशहरा मैदान में अब तक मुख्य रूप से वार्षिक दशहरा मेले के दौरान ही बाजार की गतिविधियां होती थीं। बाकी समय यहां की कई दुकानें खाली पड़ी रहती थीं। अब करीब 200 दुकानों को स्थायी बाजार के रूप में उपयोग करने की योजना है। इससे दुकानों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और बाजार क्षेत्र में सालभर गतिविधियां बनी रहने की उम्मीद है।
बाजार को दशहरा मैदान के मुख्य हिस्से से अलग रखने के लिए विजयश्री रंगमंच के दाईं ओर करीब 400 फीट लंबी और 5 फीट ऊंची लोहे की ग्रिल लगाई गई है। परिसर में लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाने की व्यवस्था भी की गई है। ग्राहकों और पर्यटकों के प्रवेश एवं निकास के लिए परशुराम द्वार का उपयोग प्रस्तावित है।
योजना के अनुसार बाजार के बीचों-बीच खूबसूरत फाउंटेन लगाया जाएगा। पूरे परिसर में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि शाम के समय भी बाजार का माहौल बेहतर रहे। पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, दशहरा मैदान की दुकानों और परिसरों का लंबे समय तक खाली रहना रखरखाव और सुरक्षा की दृष्टि से चुनौती बना रहता है। बाजार शुरू होने से इन परिसरों का नियमित उपयोग होगा और नगर निगम को हर महीने राजस्व मिलने की संभावना है।
दशहरा मेले के बाद बाजार संचालन का अंतिम प्रारूप उच्च स्तर पर तय किया जाएगा। योजना के मुताबिक, शुरुआत में इसे सामान्य बाजार के रूप में संचालित किया जा सकता है। जरूरत और व्यवस्थाओं के अनुसार भविष्य में इसे नाइट मार्केट के रूप में विकसित करने की योजना है।
नोट: नाइट मार्केट के संचालन की अंतिम तारीख और समय-सारणी की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही बाजार शुरू होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
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