सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूसी के आरोपी झबरा राम की जमानत रद्द की, दो सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोपी झबरा राम को बड़ा झटका देते हुए उसकी जमानत रद्द कर दी है। शीर्ष अदालत ने आरोपी को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट या जांच एजेंसी के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश का पालन नहीं करने पर राज्य सरकार को उसे हिरासत में लेने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की छूट दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने यह फैसला सुनाया। झबरा राम को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिली थी, जिसे चुनौती देते हुए जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता और साक्ष्यों पर नहीं दिया पर्याप्त ध्यान: सुप्रीम कोर्ट

जमानत रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने कथित प्रक्रियागत अनियमितता को जमानत देने का पर्याप्त आधार माना, जबकि मामले में आरोपों की गंभीरता और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों पर उचित ध्यान दिया जाना जरूरी था।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका फैसला मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं है। अदालत की टिप्पणियां जमानत रद्द करने तक सीमित रहेंगी और इनका मुकदमे की सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

30 जनवरी को जैसलमेर के पोकरण से हुई थी गिरफ्तारी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झबरा राम को राजस्थान CID इंटेलिजेंस ने 30 जनवरी को जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उस पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने और सेना से संबंधित गोपनीय जानकारियां सीमा पार अपने कथित हैंडलर्स तक पहुंचाने के आरोप हैं।

मामले में आरोपी के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपों के मुताबिक, वह सेना से जुड़ी संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी जुटाकर साझा करता था। इन आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।

जांच एजेंसी ने जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दी थी चुनौती

राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने जमानत रद्द करते हुए आरोपी को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संबंधित अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

महत्वपूर्ण: आरोपी पर लगे जासूसी संबंधी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अंतिम दोषसिद्धि होने तक आरोपों को साबित हुआ अपराध नहीं माना जा सकता।

नोट: प्रकाशन से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तारीख, पीठ के विवरण और सरेंडर संबंधी निर्देशों की आधिकारिक आदेश प्रति से पुष्टि कर लें। 

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
गजराज राव बोले- ‘बधाई हो’ मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इस फिल्म ने बदल दी जिंदगी; जयपुर की कचौरी-मिठाइयों के भी मुरीद | सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी जासूसी के आरोपी झबरा राम की जमानत रद्द की, दो सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश | राजस्थान पंचायत चुनाव: दूसरे चरण में 65.15% मतदान, 2019 के मुकाबले 1.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी | चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश-ओडिशा में 5 मौतें, राजस्थान समेत 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट | आज का पंचांग 29 अक्टूबर 2026: आज करवा चौथ पर दिल्ली में रात 8:17 बजे निकलेगा चांद, जयपुर-मुंबई समेत जानें चंद्रोदय का समय | राजस्थान में 1,150 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी, जयपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 550 बसें | जयपुर फैमिली कोर्ट का फैसला: करवा चौथ पर दूसरे पुरुष के लिए व्रत रखने और दांपत्य संबंधों में दूरी को माना मानसिक क्रूरता, 13 साल पुरानी शादी खत्म | मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प | SMS अस्पताल में मरीज रेफर करने के लिए लागू होगी नई SOP, बिना सूचना भेजने पर होगी कार्रवाई | CM भजनलाल शर्मा खाटूश्यामजी पहुंचे, बाबा श्याम के करेंगे दर्शन; ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी हुए शामिल |