राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और औद्योगिक सहयोग का केंद्र बना। भारत की अध्यक्षता में आयोजित 10वें ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों के सम्मेलन का सफल समापन हुआ। इस सम्मेलन में ब्रिक्स देशों के उद्योग मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
सम्मेलन की थीम थी— "सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण"। बैठक में एमएसएमई, फोटोवोल्टिक यानी सोलर उद्योग, स्टार्टअप्स और लॉजिस्टिक्स जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया गया, जिसमें सदस्य देशों ने औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में नवाचार और आपसी सहयोग ही विकास का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों को अपनी साझा क्षमताओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी उद्योगों का निर्माण करना चाहिए।
भारत ने इस सम्मेलन में BRICS Incubator Network और BRICS Startup Innovation Fund बनाने का प्रस्ताव भी रखा, ताकि स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित उद्योगों को नई गति मिल सके। इसके अलावा फोटोवोल्टिक उद्योग के लिए ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई।
सम्मेलन में डिजिटल परिवर्तन, मजबूत सप्लाई चेन, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, जीआईएस आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अब भारत की अध्यक्षता में 7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक सहयोग और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।
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