जयपुर, 8 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था और आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना सुशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे न्यायालयों में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों के संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद लेकर अदालत पहुंचने वाले जरूरतमंद और पीड़ित लोगों के साथ लोक अभियोजकों को संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार करना चाहिए। कानून के साथ मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर काम करने से लोगों का न्याय व्यवस्था और सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप, एपीयरेंस, ड्राफ्टिंग और ओपिनियन फीस में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विधि अधिकारियों की समस्याओं के समाधान और नियमित संवाद के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ताओं को संभागवार जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
इस फैसले पर कार्यक्रम में मौजूद लोक अभियोजकों और विधि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालयों में लंबे समय तक मामले लंबित रहने से कई बार विकास परियोजनाओं की लागत बढ़ जाती है और काम में देरी होती है। इसलिए जनहित से जुड़े मामलों की पहचान कर उनके त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। प्रत्येक जिले और विभाग में ऐसे मामलों की सूची तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने लोक अभियोजकों के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का लाभ उपलब्ध कराने के लिए नियमित सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने 14 जिला एवं सेशन न्यायालय, 2 अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय, 8 CJM और 8 ACJM सहित ACB, POCSO, NI, NDPS और वाणिज्यिक न्यायालयों का सृजन किया है। राजस्थान हाईकोर्ट में 10 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 9 AGC और 2 विशिष्ट लोक अभियोजक के नए पद भी सृजित किए गए हैं।
इसके अलावा लोक अभियोजक, विशिष्ट लोक अभियोजक और अपर लोक अभियोजक के 76 पद, अधीनस्थ कार्यालयों में मंत्रालयिक संवर्ग के 109 पद और होमगार्ड के 77 नए पद बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना है। इसी दिशा में 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर करीब 76 लाख 67 हजार लोगों को लाभान्वित किया गया है। वहीं 27,251 लोगों को कैदी एवं बाल सुरक्षा योजना के तहत विधिक सहायता और 3,905 पीड़ितों को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 84.53 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार देने के लिए अब तक 1.78 लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.32 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है।
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने लोक अभियोजकों से सरकार की मंशा के अनुरूप पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, प्रमुख शासन सचिव विधि राघवेंद्र काछवाल, अतिरिक्त महाधिवक्ता, लोक अभियोजक और विधि अधिकारी मौजूद रहे।
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