बैठक में प्रदेश के 41 जिलों में किए गए मैनपावर मांग-आपूर्ति, स्किल सेट मैपिंग, स्वरोजगार के लिए आवश्यक सरकारी सहायता तथा स्किल गैप असेसमेंट अध्ययन की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलावार और क्षेत्रवार कौशल मांग के अनुरूप तैयार किए जाएं। साथ ही स्थानीय उद्योगों से समन्वय स्थापित कर युवाओं को उद्योग की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए।
पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत युवाओं के चयन और कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग को कंपनियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निर्धारित 20 कंपनियों के ऑनबोर्डिंग लक्ष्य को जल्द पूरा करने को कहा गया।
बैठक में अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम की प्रगति की प्रत्येक माह तुलनात्मक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में पिछले माह की तुलना में हुई प्रगति, उपलब्धियां और लंबित मामलों का विवरण प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा घोषित 2,500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त डीबीटी टॉप-अप सहायता को जल्द लागू करने के लिए राज्यांश वितरण हेतु पेमेंट मॉड्यूल के विकास और संचालन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा के दौरान उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण में रुचि नहीं रखने वाले प्रशिक्षणार्थियों को डेटा पोर्टल से हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाए। वहीं शेष अभ्यर्थियों के उपयुक्त बैच गठित कर प्रशिक्षण जल्द शुरू कराया जाए।
बैठक में जयपुर में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ‘अटल बिहारी वाजपेयी ग्लोबल सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग’ की डीपीआर तैयार करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को देश में संचालित प्रमुख उन्नत कौशल विकास मॉडलों का अध्ययन कर उनके श्रेष्ठ प्रचलनों को प्रस्तावित केंद्र की कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए।
जल जीवन मिशन के तहत ‘नल जल मित्र’ प्रशिक्षण के लिए पंचायत समिति-वार प्रशिक्षणार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। सूची के आधार पर प्रशिक्षण के लिए आवश्यक अग्रिम राशि उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग के साथ समन्वय कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में कृषि विभाग की ओर से लघु अवधि पाठ्यक्रम, प्रमाणीकरण और कौशल विकास केंद्रों के उपयोग को लेकर कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के साथ एमओयू करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी कार्य-बिंदुओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उद्योग विभाग, कॉलेज शिक्षा, कृषि विभाग, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, श्रम विभाग, राजस्थान स्किल एंड लिवलीहुड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RSSDC), माध्यमिक शिक्षा, उद्योग एवं वाणिज्य तथा रोजगार विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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