बुधवार, 19 अगस्त को डीजीपी राजीव शर्मा की अध्यक्षता में पहली साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को नशे की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि नशे और नशे के कारोबार में शामिल अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को नशे की तस्करी के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2026 के शुरुआती सात महीनों में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक एंटी नारकोटिक कार्रवाइयां की गई हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदेश में एंटी नारकोटिक गतिविधियों को गति देने के लिए आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे बेहतर समन्वय, मजबूत सूचना तंत्र और प्रभावी निगरानी के साथ अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
डीजीपी ने सभी जिलों में नशे के हॉटस्पॉट चिह्नित कर नियमित निगरानी रखने और तस्करी से जुड़े अपराधियों व उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता गतिविधियों को लगातार बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के स्कूल और कॉलेजों में 19 से 31 अगस्त तक विशेष नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने के दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। अभियान के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
डीजीपी ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर नशे की रोकथाम के लिए मजबूत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अब प्रत्येक बुधवार की बैठक में जिलों में हुई कार्रवाई, प्रकरणों की प्रगति, गिरफ्तारियां, जब्ती और नशे के नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
बैठक में महानिरीक्षक पुलिस (अपराध शाखा) शरत कविराज, उप महानिरीक्षक पुलिस (कार्मिक एवं प्रमुख स्टाफ ऑफिसर) कुंवर राष्ट्रदीप, उप महानिरीक्षक पुलिस (एएनटीएफ) अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) अमित जैन सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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