नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नई बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 4,838 हो गई है, जबकि डीटीसी और क्लस्टर बसों सहित सार्वजनिक बसों का कुल बेड़ा अब 6,593 बसों तक पहुंच गया है। देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाला राज्य अब भी दिल्ली ही है।
नई शामिल की गई सभी बसें 9 मीटर लंबी हैं। इन्हें विशेष रूप से उन इलाकों और मार्गों पर चलाया जाएगा, जहां बड़ी बसों का संचालन करना कठिन होता है। इससे कॉलोनियों, मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख बस टर्मिनलों के बीच लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पर्यावरण अनुकूल यात्रा का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को देश की ईवी राजधानी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2026 के अंत तक 7,000 इलेक्ट्रिक बसें और कुल 7,500 सार्वजनिक बसें सड़क पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं वर्ष 2029 तक दिल्ली में 14,000 बसों का विशाल सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने नंद नगरी डिपो में स्थापित अत्याधुनिक ऑटोमैटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस केंद्र में हर वर्ष 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच की जा सकेगी। इसके साथ ही दिल्ली में तीन नए बस डिपो का भी उद्घाटन किया गया, जिससे राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा प्रदूषण कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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