जयपुर | राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को संगठन को सक्रिय और चुनावी मोड में लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी को लेकर मंथन तेज हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान डोटासरा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चा की। आलाकमान ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय से निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाकर सक्रिय नेताओं को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि चुनाव से पहले संगठन को मजबूती मिल सके।
बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा टीम के 50 से अधिक पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है। इनमें करीब 42 प्रदेश सचिव, 14 महासचिव और 4 उपाध्यक्ष शामिल बताए जा रहे हैं। संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं की सूची तैयार की जा चुकी है और जल्द नई टीम का ऐलान संभव है।
पार्टी 'एक व्यक्ति-एक पद' के सिद्धांत को भी सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 11 सदस्य, जो वर्तमान में जिलाध्यक्ष भी हैं, उन्हें दोहरी जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है। इससे संगठन में नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना बढ़ गई है।
राजस्थान में इस वर्ष 309 नगर निकाय और 11,300 से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में कांग्रेस संगठन को पूरी तरह चुनावी मोड में लाकर बूथ स्तर तक सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि मजबूत, जवाबदेह और सक्रिय टीम ही चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की नींव रख सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल केवल पदों का बदलाव नहीं, बल्कि कांग्रेस की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा है। नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही पार्टी संगठन को पूरी तरह रीसेट करने का संदेश भी जाएगा, जिसका असर आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में देखने को मिल सकता है।
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